न्यूज़ आप तक : Delhi | भारत निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा फैसला ,

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मतदाता सूची के फॉर्म में कोई गलती होने पर अब आवेदकों को अधिकारियों के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की भी ज़रूरत नहीं होगी।लेते हुए उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 में माता-पिता या दादा-दादी के पुराने चुनावी रिकॉर्ड (SIR) का विवरण देने की अनिवार्यता को हटा दिया है जहाँ विशेष गहन पुनरीक्षण यानी ( Special Intensive Revision = SIR ) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।इसके मुख्य नियम और बदलाव इस प्रकार हैं: आयोग ने पोर्टल से उस अतिरिक्त घोषणापत्र को हटा दिया है, जिसके तहत नए वोटर्स को खुद को या अपने माता-पिता या दादा-दादी को पुरानी मतदाता सूची से जोड़ने का विवरण देना पड़ता था।जहाँ SIR पूरा हो चुका है जैसे बिहार, पश्चिम बंगाल सहित लगभग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जहाँ SIR का काम कंप्लीट हो चुका है, वहाँ अब नए मतदाताओं को फॉर्म-6 भरते समय माता-पिता की पुरानी चुनावी डिटेलस देने की ज़रूरत नहीं है, वे केवल सामान्य वैधानिक फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं।जहाँ SIR अभी चल रहा है केवल उन्हीं क्षेत्रों के वोटर्स के लिए यह नियम अभी लागू रहेगा जहाँ मतदाता सूची में सुधार (SIR) का अभियान वर्तमान में जारी है। हमेशा सच के साथ न्यूज़ आप तक #न्यूज़आपतक #jaanmohammadsaifi

चुनाव आयोग

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