न्यूज़ आप तक : Delhi | सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन (Protest Site) के रूप में पूरी तरह खत्म करने का फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन कोर्ट ने केंद्र सरकार से जंतर-मंतर की जगह पर पुनर्विचार करने और कोई वैकल्पिक जगह खोजने पर विचार करने को कहा है।भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि जंतर-मंतर की भौगोलिक स्थिति और छोटी जगह के कारण वहां प्रदर्शनकारियों के मौलिक अधिकारों के साथ-साथ आम जनता को भी परेशानी होती है।बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कोर्ट ने यह भी नोट किया कि जंतर-मंतर पर शौचालय, भोजन और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है और यह इलाका रिहायशी होने के कारण स्थानीय लोगों व सांसदों को भी असुविधा होती है।सुप्रीम कोर्ट ने खुद कोई अंतिम आदेश देकर साइट नहीं बदली है, बल्कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के समक्ष यह विचार रखा है कि केंद्र सरकार और सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) इस पर विचार करें और किसी बेहतर वैकल्पिक जगह की पहचान करें।कोर्ट ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान मेट्रो और ट्रेन सेवाओं को पूरी तरह बंद न करने और यातायात को सुचारू रखने के और इंटरनेट सेवाओं को पूर्ण रूप से सामान्य रखने के निर्देश दिए हैं। हमेशा सच के साथ ( न्यूज़ आप तक ) एडिटर इन चीफ़ : ( जान मौहम्मद सैफ़ी )

शासन और प्रशासन

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